प्राकृत भाषा सीखने का सुनहरा अवसर
केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय नई दिल्ली
और आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोधपीठ, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय,कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में
21 दिवसीय प्राकृत भाषा शिक्षण कार्यशाला
28 दिसंबर 2026 से 17 जनवरी 2027 तक
स्थान – . छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय,कानपुर
कार्यशाला में मिलेगा –
- शुरू से प्राकृत का ज्ञान और अभ्यास।
- प्राकृत व्याकरण का क्रमबद्ध अध्ययन।
- प्राकृत भाषा के साहित्य को पढ़ने का अभ्यास।
- देश के प्राकृत भाषा के मूर्धन्य विद्वानों से मिलने का अवसर।
मिलने वाली सुविधाएं …..
- नाश्ता, तीन समय चाय, दोनों समय का भोजन।
- आवास की उत्तम व्यवस्था।
- आपके आने जाने का मार्ग व्यय (टिकिट लगाना अनिवार्य है।)
- सुंदर और उच्च गुणवत्ता वाली किट (बैग, पेन, कॉपी, आवश्यक स्टेशनरी)।
- पाठ्यक्रम की पुस्तकें।
दो विश्व प्रसिद्ध शैक्षणिक भ्रमण
- 1 प्रयागराज, कोसांबी, अयोध्या
- वाराणसी , सारनाथ
मंचीय प्रतियोगिताएं और पुरस्कार
- आलेख प्रतियोगिता
- फ़ोटोग्राफिंग प्रतियोगिता
- परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों।
- शानदार पुरस्कार।
विशेष – केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के प्रोफेसर, शिक्षक और विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यापन।
कानपुर – यह प्राचीन नगर शिक्षा और व्यापार का प्रमुख केंद्र है जहां–
- 1300 ई.पू. से मध्यकालप्रागैतिहासिक टीला, NBPW मृद्भांड, सिक्के और प्राचीन किला।
- भीतरगाँव 5वीं शताब्दी ई. (गुप्त काल)भारत का सबसे प्राचीन ईंट निर्मित शिखर मंदिर और टेराकोटा कला
- रामायण काल एवं ताम्र-युग वाल्मीकि आश्रम, प्रागैतिहासिक ताम्र-उपकरण (Copper Hoards) निकटवर्ती क्षेत्र मध्य कालीन गढ़ियाँ, पुरानी वास्तुकला और स्थापत्य अवशेष
- विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट वातावरण में अध्ययन का आनन्द ही आनंद है।
कुल सीट –
सीमित स्थान है।
- कानपुर और लखनऊ- 10 सीट 20 सीट
- शेष उत्तरप्रदेश के लोगों के लिए – सीट।
- शेष भारत वर्ष के लिए – 20 सीट
- सम्पर्क सूत्र — डॉ. कोमल चंद्र जैन, सहायक आचार्य, आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोधपीठ, कानपुर । 7869257226, 9696077002
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- *आवेदन करने के लिए नीचे दी गई लिंक पर जाकर आवेदन करें –*https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSdJnhXH2xKpanUKfEJTrUSWJXWbdMhyKeh8KWQNRQ2ggMXWbQ/viewform?usp=header